Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » डुंगरपुर » आकर्षण
  • 01बादल महल

    बादल महल

    बादल महल वास्तुकला के जटिल डिज़ाइन के लिए प्रसिद्द है और यह गैब सागर झील के किनारे स्थित है। यह महल मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का सम्मिश्रण प्रदर्शित करता है। इस महल के निर्माण में दवरा पत्थरों का उपयोग किया गया है। इस स्मारक में दो मंच, तीन गुंबद और एक प्रांगण...

    + अधिक पढ़ें
  • 02सुरपुर मंदिर

    सुरपुर मंदिर

    सुरपुर मंदिर एक प्राचीन धार्मिक स्थान है जो डुंगरपुर से 3 किमी. की दूरी पर गंगदी नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर के पास एक बड़ा घाट है। इस मंदिर का भ्रमण करते समय पर्यटक अन्य आकर्षण देख सकते हैं जैसे भूलभुलैया, मधावारी मंदिर, अनेक शिलालेख और हाथियों की आगड़ आदि।...

    + अधिक पढ़ें
  • 03बनेश्वर मंदिर

    बनेश्वर मंदिर

    बनेश्वर मंदिर नदी के डेल्टा पर स्थित है जो सोम और माही नदी के अभिसरण से बना है। यह मंदिर हिंदू भगवान शिव को समर्पित है और यहाँ उनकी पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है। इस मंदिर में भारतीय कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष माघ शुक्ल एकादशी से माघ शुक्ल पूर्णिमा (फरवरी)...

    + अधिक पढ़ें
  • 04श्रीनाथजी मंदिर

    श्रीनाथजी मंदिर

    श्रीनाथजी मंदिर का निर्माण महारावल पुंजराज ने वर्ष 1623 में किया था। इस मंदिर के मुख्य आकर्षण श्री राधिकाजी और गोवर्धननाथजी की मूर्ति है। पर्यटक यहाँ एक गैलरी देख सकते हैं जो मुख्य मंदिर में है। वे यहाँ अनेक मध्यम आकार के मंदिर भी देख सकते हैं। जो मुख्य मंदिर के...

    + अधिक पढ़ें
  • 05नागफनजी

    नागफनजी

    नागफनजी डुंगरपुर का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और यह अपने जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्द है। यहाँ पर्यटक एक जैन मंदिर देख सकते हैं जिसमें देवी पद्मावती, नागफनजी पार्श्वनाथ और धरणेन्द्र की मूर्ति है। बड़ी संख्या में भक्त नागफनजी शिवालय आते हैं जो इस मंदिर के पास स्थित...

    + अधिक पढ़ें
  • 06राजमाता देवेन्द्र कुंवर सरकारी संग्रहालय

    राजमाता देवेन्द्र कुंवर सरकारी संग्रहालय

    राजमाता देवेन्द्र कुंवर सरकारी संग्रहालय डुंगरपुर के समृद्ध इतिहास की झलक प्रस्तुत करता है। इस संग्रहालय में तीन गैलरियाँ हैं जहाँ विभिन्न देवताओं की धातु की दुर्लभ मूर्तियां, लघुचित्र, पत्थर के शिलालेख और सिक्के देखने को मिलते हैं जो 6 वीं शताब्दी के हैं।

    ...
    + अधिक पढ़ें
  • 07गलियाकोट

    गलियाकोट

    गलियाकोट एक गाँव है जो डुंगरपुर से 58 किमी. की दूरी पर माही नदी के किनारे स्थित है। मान्यताओं के अनुसार इस गाँव का नाम एक भील मुखिया के नाम पर पड़ा जिसने इस क्षेत्र पर राज्य किया था। यह गाँव परमार और डुंगरपुर राज्य की राजधानी था।

    गलियाकोट सैयद फखरुद्दीन के...

    + अधिक पढ़ें
  • 08एक थम्बिया महल

    एक थम्बिया महल

    ये कृष्ण प्रकाश एक वर्गाकार आँगन में स्थित तालाब के मध्य में स्थित है। यह सुंदर आँगन सफ़ेद और गुलाबी रंग के पत्थरों से बना है जो एक सम्मोहित करने वाला दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

    + अधिक पढ़ें
  • 09जूना महल

    जूना महल

    जूना महल एक सुंदर महल है जिसका निर्माण 13 वीं शताब्दी में हुआ था। यह इमारत सात मंज़िला है और इसकी वास्तुकला एक किले के जैसी है। कंगूरेदार दीवारें काँच के काम से सजी हुई हैं। महल के आंतरिक भाग में पर्यटक अनेक लघु चित्र और भित्तिचित्र देख सकते हैं। इस महल में बुर्ज,...

    + अधिक पढ़ें
  • 10देव सोमनाथ मंदिर

    देव सोमनाथ मंदिर

    देव सोमनाथ मंदिर देव गाँव में स्थित है जो डुंगरपुर से 24 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर हिंदू भगवान शिव को समर्पित है और यह सोम नदी के किनारे स्थित है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस प्राचीन मंदिर का निर्माण 12 वीं शताब्दी में विक्रम संवत के शासनकाल में हुआ। यह...

    + अधिक पढ़ें
  • 11भुवनेश्वर

    भुवनेश्वर

    भुवनेश्वर शिव मंदिर के लिए प्रसिद्द है जो डुंगरपुर से 9 किमी. की दूरी पर एक पहाड़ी पर स्थित है। यहाँ पर्यटक प्राकृतिक रूप से बना हुआ शिवलिंग और एक प्राचीन मठ देख सकते हैं। रंगपंचमी के अवसर पर यहाँ एक वार्षिक मेला भरता है।

    इस त्यौहार का प्रमुख आकर्षण गैर...

    + अधिक पढ़ें
  • 12बरोदा

    बरोदा

    मंदिरों का गाँव बरोदा डुंगरपुर से 41 किमी. की दूरी पर स्थित है। पहले यह स्थान वागड की राजधानी था। इस स्थान के प्रमुख धर्म शैव और जैन हैं। पर्यटक गाँव के मुख्य टैंक के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर देख सकते हैं। यह मंदिर सफ़ेद पत्थरों से बना है और यहाँ बड़ी संख्या में...

    + अधिक पढ़ें
  • 13उदय बिलास महल

    उदय बिलास महल

    उदय बिलास महल राजा महारावल उदय सिंह द्वितीय का राजसी आवास है जो वास्तुकला और कला के प्रशंसक थे। इस स्थान की वास्तुकला राजपुताना शैली की है। जाति डिज़ाइन वाले छज्जे, खिड़कियाँ, मेहराब, खम्बे और पैनल पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।यह रमणीय स्थान गैब सागर...

    + अधिक पढ़ें
  • 14फतेहगढ़

    फतेहगढ़

    फतेहगढी एक पहाड़ी है जो गैब सागर झील के सामने स्थित है। इस पहाड़ी के ऊपर से पर्यटक संपूर्ण डुंगरपुर का दृश्य देख सकते हैं। संपूर्ण दृश्यों में मनोहर बादल महल, शांत गैब सागर झील और शानदार उदय बिलास महल आते हैं। पहाड़ी पर एक छोटा हनुमान मंदिर और महान संत स्वामी...

    + अधिक पढ़ें
  • 15गैब सागर झील

    गैब सागर झील

    गैब सागर झील एक कृत्रिम जल निकाय है जिसका निर्माण महाराज गोपीनाथ (जिन्हें गैपा रावल के नाम से भी जाना जाता था) ने वर्ष 1428 में किया था। इस झील के साथ अनेक कहानियाँ और किवदंतियां जुड़ी हुई हैं। इसका उल्लेख कई ऐतिहासिक दस्तावेजों और साहित्यिक कृतियों में मिलता है।...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
09 Jun,Tue
Check Out
10 Jun,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed