हुज्र-ए-अनूप-तलाओ एक छोटा सा क्षेत्र या इमारत है जो पहले अकबर की पत्नी की मुस्लिम पत्नी का निवास स्थान माना जाता था। हालांकि, परिसर के छोटे आकार के कारण इतिहासकार यह स्पष्ट रूप से नहीं जान पाए कि वह वास्तव में यहाँ रहती थी अथवा नहीं।
फतेहपुर सीकरी के मुख्य किला परिसर के भीतर स्थित मरियम-उज़-ज़मानी पैलेस, एक सुदर मुगल थीम वाला महल है जहाँ अकबर की हिंदू पत्नी-जोधा बाई रहती थी। अकबर और उसके बेटे जहाँगीर के शासनकाल में यह सत्ता का स्थान था। ऐसा भी माना जाता है कि उसकी मुस्लिम पत्नी का निवास स्थान...
पंच महल एक विस्तृत और स्तंभयुक्त पाँच मंजि़ला इमारत है जो राजा अकबर ने खुशी के रूप में बवनाया था। वे इसका उपयोग आराम करने ओर मनोरंजन के लिए किया करते थे। ओपन साइडिड थीम पर बने इस महल का प्रत्येक फ्लोर निचले फ्लोर से छोटा है और प्रत्येक फ्लोर विषम खंभों पर खड़ा...
नौबत खाना प्राचीन समय में बनाया गया एक मुगल शैली ड्रम हाउस है जो अकसर शहनाई और ड्रम प्रदर्शन के लिए उपयोग किया जाता था। इस असाधारण संरचना में मुगलकाल की कला व संस्कृति को दर्शाती सुंदर नक्काशियाँ है। मुगलकाल में सम्राटों के समारोह और त्योहारों के लिए फतेहपुरी...
पचीसी का शाब्दिक अर्थ हैं शतरंज जैसा एक खेल। , फतेहपुर सीकरी में पचीसी न्यायालय दीवान-ए-आम के पास स्थित हे। इसके परिसर का फर्श वास्तविक शतरंज जैसे लगता है क्योंकि यह काले ओर सफेद चैकोर पत्थरों से बना है। पुराने दिनों में सम्राट अकबर भी शतरंज खेलते थे; अंतर केवल...
शेख सलीम चिश्ती के मकबरे, 16वीं सदी के आरंभ में निर्मित एक सुंदर और भव्य संरचना है। प्रसिद्ध मुगल सम्राट अकबर ने बेटा होने की भविष्यवाणी करने वाले सूफी संत सलीम चिश्ती को श्रद्धांजलि के रूप में इस मकबरे का निर्माण करवाया था। बहुत लंबे समय तक बेटे के लिए प्रार्थना...
बीरबल का महल फतेहपुर सीकरी के मुगलकालीन प्रसिद्ध महलों में से एक है। इतिहास के अनुसार, यह महल दयालु अकबर की बड़ी रानियों- रुकय्या बेगम तथा सलमा सुल्तान बेगम का निवास स्थान के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था। हिंदू और मुगल दोनों वास्तुकलाओं का प्रभाव होने के कारण...
इबादत खाना अथवा ’आराधना घर’, फतेहपुर सीकरी में अकबर द्वारा बनवाया गया एक प्रार्थना अथवा मीटिंग रूम था। मूल रूप से यह जगह सुन्नी मुस्लमानों के एकत्रित होने और चर्चा करने के लिए बनवाया गया था। हालांकि, अन्य धर्म संप्रदायों और अनुयायियों के बीच छोटे मतभेद...
बुलंद दरवाज़ा बथवा महान दरवाज़ा 17वीं सदी के आरंभ में सम्राट अकबर की गुजरात पर जीत के स्मारक के रूप में बनवाया गया था। यह विशाल पत्थर की संरचना पारंपरिक पारसी-मुगल डिज़ाइनों से प्रभावित है। 1601 में गुजरात पर अकबर की जीत को बुलंद दरवाज़े पर उकेरा गया...
अकबर के निजी कक्ष के सामने बना अनूप तलाओ अपनी तरह का एक शानदार वाटर टैंक है। यह ख्वाबगाह परिसर के सामने स्थित है ओर अपने समय का सबसे प्रभावशाली टैंक था। लाल बलुआ पत्थर की संरचना पर एक सुंदर मंच है ओर आसपास के स्थानों को देखने के लिए बैठने की उचित योजना है। यह...