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होम » स्थल » हिसार » आकर्षण
  • 01लोहारी राघो

    लोहारी राघो

    लोहारी राघो, बड़ा ऐतिहासिक गांव, जो हिसार शहर के पूर्व में लगभग 31 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव जिनकी जड़ें सोती-सीसवाल चीनी मिट्टी की अवधि के तीन ऐतिहासिक टीले है। इन टीलों की खुदाई पुरातत्व और संग्रहालय विभाग, हरियाणा के अधिकारियों धूप सिंह और चंदरपाल सिंह...

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  • 02सेंट थॉमस चर्च

    हरियाणा के हिसार शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग नं .10 पर स्थित है, सेंट थॉमस चर्च चार साल में बना था दिसंबर, 1860 से मई, 1864। यह चर्च सेंट थॉमस को समर्पित है को यीशु मसीह के बारह शिष्यों में से एक थे। उन दिनों में इसका निर्माण में 4500 रूपए की लागत आई थी। पवित्र...

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  • 03फिरोज शाह महल का परिसर

    फिरोज शाह महल का परिसर

    हिसार में स्थित, फिरोज शाह का महल 1354 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था। हिसार के मूल शहर किले के अंदर एक दीवारों के बंदोबस्त के बीच बसा था जिसमें चार दरवाजे थे, दिल्ली गेट, मोरी गेट, नागौरी गेट और तलाकी गेट। महल में एक मस्जिद है जिसका नाम 'लाट की मस्जिद' है।...

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  • 04बरसी गेट

    बरसी गेट

    बरसी गेट, हांसी शहर के दक्षिण में स्थित है जो हिसार से 26 किमी पूर्व में है। यह गेट शहर के लिए पांच मुख्य प्रवेश द्वार में से एक है, अन्य चार दिल्ली गेट, हिसार गेट, गोसाई गेट और उमरा गेट हैं।  यह शाही गेट शहर के व्यस्त बाजार में हांसी किले की बाहरी रक्षा...

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  • 05पृथ्वीराज का किला

    पृथ्वीराज का किला

    पृथ्वीराज का किला, हिसार जिले के हांसी के शहर में स्थित है। जैसे के नाम खुद दर्शाता है यह किला 12 वीं सदी के प्रसिद्ध राजपूत योद्धा, पृथ्वीराज द्वारा बनाया गया था। इसको जॉर्ज थॉमस ने 1798 में दोबारा बनवाया जब उसने हंसी को अपनी रियासत की राजधानी बनाया जिसमें हिसार...

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  • 06अग्रोहा टीला

    अग्रोहा टीला

    स्थानीय भाषा में इसे 'थेर' भी कहा जाता है, अग्रोहा टीला एक पुरातात्विक स्थल है। यह टीला अग्रोहा के नाम पर है जो 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सी.टी. रोजर्स, नमक एक पुरातत्वविद् ने 1888-89 में टीले की खुदाई का काम शुरू करने का श्रेय जाता है। खुदाई के काम को...

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  • 07राखीगाढ़ी

    राखीगाढ़ी

    राखीगाढ़ी को राखी शाहपुर के नाम से जाना जाता है और राखी खास, हिसार जिले का एक गांव है। इसका ऐतिहासिक महत्व, 1963 में पलही खुदाई और 1997 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से की खुदाई दौरान खोज की गयी थी। माना जाता है की वर्तमान में गांव उस जगह पे है जहाँ...

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  • 08प्राचीन गुम्बद

    प्राचीन गुम्बद

    प्राचीन गुम्बद, वास्तव में, एक आध्यात्मिक शिक्षक का मकबरा, बाबा पन्निर बादशाह जो 14 वीं सदी के थे। उनके एक शिष्य थे शेर बहोल जिनको दाना (चतुर) भी कहते है, एक प्रतिष्ठित संत थे। शेर बहोल ने भविष्यवाणी की थी के ग्यास उद दीन तुगलक दिल्ली के सिंहासन पर बैठेगा और...

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  • 09दरगाह चार कुतब

    दरगाह चार कुतब

    दरगाह चार कुतब, या चार प्रख्यात सूफी संतों का मकबरा, हिसार के निकट हांसी में स्थित है। शब्द 'कुतब' जो एक पुण्य व्यक्ति हो जो अन्य लोगों के लिए एक आदर्श हो। यहां दफन महान सूफी संतों या कुतब जमाल उद दीन हांसी, बुरहान उद दीन, कुतुब उद दीन मनुवर और नूर उद दीन हैं।

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  • 10अग्रोहा धाम

    अग्रोहा धाम या अग्रोहा मंदिर, जो की नाम से ही पता चलता है, हिसार जिले के एक गांव अग्रोहामें स्थित है। इसका निर्माण 1976 में शुरू किया और 1984 में आठ साल में पूरा हुआ। मंदिर परिसर को तीन हिस्सों में बांटा गया है। बीच वाला भाग देवी महालक्ष्मी को समर्पित है, जो मंदिर...

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