Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » कुरूक्षेत्र » आकर्षण
  • 01ओ. पी. जिंदल पार्क

    ओ. पी. जिंदल पार्क

    ओ. पी. जिंदल पार्क और म्‍यूजिकल फाउंटेन को ओ. पी. जिंदल के पुत्र नवीन जिंदल ने बनवाया है जो एक उद्योगपति है और संसद के सदस्‍य है। उन्‍होने इस पार्क को अपने पिता की स्‍मृति में बनवाया है जो अपनी मृत्‍यु 31 मार्च 2005 से पहले हरियाणा के बिजली...

    + अधिक पढ़ें
  • 02नाभि कमल

    नाभि कमल

    नाभि और कमल का अर्थ तो हम सभी जानते है, लेकिन इन दोनों ही नामों का एक दूसरे के साथ कोई तार्किक सम्‍बंध नहीं है। परन्‍तु जब भी भगवान ब्रह्मा के द्वारा इस सृष्टि की रचना पर बात उठती है तो उसके संदर्भ में इन दोनों को ही शामिल किया जाता है। शास्‍त्रों के...

    + अधिक पढ़ें
  • 03शेख चिल्ली का मकबरा

    शेख चिल्ली एक बहुश्रुत विद्वान, एक सम्मानित सूफी संत और एक आध्यात्मिक शिक्षक थे। मुग़ल बादशाह शाह जहां का बेटा दारा शिकोह शेख चिल्ली का शिष्य और एक  प्रशंसक था बताया जाता है शेख चिल्ली से राजकुमार ने कई महत्त्वपूर्ण बातें सीखी।

    शेख चिल्ली का मकबरा...

    + अधिक पढ़ें
  • 04गुरूद्वारा च्‍चेईविन पाटशाही

    गुरूद्वारा च्‍चेईविन पाटशाही

    गुरूद्वारा च्‍चेईविन पाटशाही करे सिक्‍खों के 6 वें गुरू श्री हरगोविंद की याद में बनवाया गया था। जो भी व्‍यक्ति उनके जीवन में बारे में जानता था उसे आश्‍चर्य होता है कि कैसे एक सशस्‍त्र योद्धा, गुरूनानक के वंश में उत्‍तराधिकारी हो सकता है।...

    + अधिक पढ़ें
  • 05भद्रकाली मंदिर

    भद्रकाली मंदिर

    यह मंदिर, महाभारत के पांडवों से जुड़ा है। यह मंदिर थानेश्‍वर के उत्‍तर में स्थित है। किंवदंतियों के अनुसार, पांडव भाईयों ने कौरवों के साथ अपनी अंतिम लड़ाई से पहले इसी मंदिर में तपस्‍या की थी। भद्रकाली मंदिर, मां काली को समर्पित है और यहां उनके कई रूपों...

    + अधिक पढ़ें
  • 06भोर साईदान

    भोर साईदान

    भोर साईदान एक छोटा सा गांव है जो कुरूक्षेत्र जिले के पहोवा ब्‍लॉक में स्थित है, यह स्‍थल पश्चिमी ओर में थानेसर जाने पर 13 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह भुरिरावा टैंक के लिए एक घर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी जगह पर भूरिरावा ने विश्‍वासघात करके...

    + अधिक पढ़ें
  • 07धरोहर

    धरोहर

    धरोहर हरियाणा संग्रहालय, हरियाणा की हरियाणवी लोक संस्‍कृति और विरासत का एक केंद्र है। यह केंद्र, दुि‍नया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। आज तक यहां लगभग 6 लाख पर्यटक कई देशों जैसे - जर्मनी, अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया, नार्वे, रूस, चिली, मलेशिया, मॉरीशस,...

    + अधिक पढ़ें
  • 08सरस्‍वती फॉरेस्‍ट रिर्जव

    सरस्‍वती फॉरेस्‍ट रिर्जव

    सरस्‍वती फॉरेस्‍ट रिर्जव, कुरूक्षेत्र में स्थित एक बडा आरक्षित वन क्षेत्र है। इस वन में विविध वनस्‍पतियां और जीव है। देशी और प्रवासी पक्षियों के लिए यह रिर्जव फॉरेस्‍ट एक घर है। यह रिर्जव, पिकनिक मनाने और घूमने के लिए एक शांतिपूर्ण स्‍थल है।...

    + अधिक पढ़ें
  • 09सननिहित सरोवर

    सननिहित सरोवर

    सननिहित सरोवर को सात पावन सरस्‍वती का संगम माना जाता है। सननिहित शब्‍द का अर्थ होता है - इक्‍ट्ठा होना। इसका वास्‍तविक अर्थ यह है कि सननिहित में सात नदियों के पानी का शामिल है, विशेषकर अमावस्‍या और सूर्य ग्रहण के दौरान यहां स्‍नान किया जाता...

    + अधिक पढ़ें
  • 10अरूनाई मंदिर

    यह मंदिर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्‍थल है जो अम्‍बाला रोड़ पर पहोवा से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर, महाभारत के समय से सम्‍बंधित है, जो दो साधुओं विश्‍वामित्र और वशिष्‍ठ से जुडा हुआ है। यह तीर्थ स्‍थल इस लिहाज से भी महत्‍वपूर्ण है...

    + अधिक पढ़ें
  • 11गुरूद्वारा मस्‍तगढ

    गुरूद्वारा मस्‍तगढ

    ऐसा माना जाता है कि यहां मुगल शासकों के काल के दौरान, तीन टावरों वाली मस्जिद का निर्माण करवाया गया था। बाद में, सिक्‍खों ने इसका सरंक्षण किया और इसे गुरूद्वारा मस्‍तगढ में परिवर्तित कर दिया।

    + अधिक पढ़ें
  • 12गुरूद्वारा तीसरी पाटशाही

    गुरूद्वारा तीसरी पाटशाही

    यह गुरूद्वारा, श्री गुरू अमरदास के साथ जुड़ा हुआ है जो यहां अपने परिवार के साथ सूर्यग्रहण के दौरान दौरे आएं थे। जब यह स्‍थल हिंदूओं का तीर्थस्‍थान था, तो यहां कर वसूल किया जाता था। सिक्‍खों ने इस स्‍थल पर कर देने से मना कर दिया था, हालांकि, बाद में...

    + अधिक पढ़ें
  • 13सरस्वती तीरथ

    सरस्वती तीरथ

    सरस्वती तीरथ एक विशाल टैंक का नाम है। ये कुरुक्षेत्र के पवित्र शहर पेहोवा से 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह टैंक धर्म की दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है जो वैदिक काल में प्राचीन नदी के किनारे बनाया गया था। जैसा कि वामन पुराण और महाभारत में बताया जा चुका है...

    + अधिक पढ़ें
  • 14भीष्‍म कुंड

    भीष्‍म कुंड

    भीष्‍म कुंड, थानेसर में नरकाटारी में स्थित है जिसे भीष्‍मपितामह कुंड भी कहा जाता है। महाभारत के अनुसार, भीष्‍मपितामह, पांडवों और कौरवो के लिए श्रद्धेय थे, लेकिन महाभारत के युद्ध में उन्‍होने कौरवों का साथ दिया था। शास्‍त्रों के अनुसार,...

    + अधिक पढ़ें
  • 15स्‍थानेश्‍वर महादेव

    स्‍थानेश्‍वर महादेव

    महादेव का दूसरा नाम भगवान शिवा भी है। स्‍थानेश्‍वर महादेव मंदिर, में भगवान शिव की शिवलिंग बनी हुई है और यह मंदिर, कुरूक्षेत्र के पवित्र स्‍थल थानेसर में बना हुआ है। यह मंदिर काफी प्राचीन है जो पांडवों के समय से ही अस्तित्‍व में है। इसी मंदिर में...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
09 Jun,Tue
Check Out
10 Jun,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed