तेजपुर – ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध, सांस्कृतिक दृष्टि से रंगीन (सजीव)
तेजपुर एक सुन्दर शहर है जो ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर स्थित है। यह सोनितपुर जिले का जिला मुख्यालय है। तेजपुर अपनी सांस्कृतिक श्रेष्ठता के लिए जाना जाता है। यह न केवल......
थौबल - झीलों, नदियों और धान के खेतों का लें आनंद
थौबल जिले का जिला मुख्यालय थौबल मणिपुर के अन्य शहरों की तुलना में कहीं अधिक विकसित है। शहर के ज्यादातर प्रमुख स्थल थौबल नदी के तट पर बसे हैं। इम्फाल नदी यहां की दूसरी महत्वपूर्ण......
दीमापुर - विशाल नदी के निकट शहर
उत्तर पूर्व के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक माना जाने वाला दीमापुर, नगालैंड के लिए प्रवेश द्वार है। एक समय में यह साम्राज्य की समृद्ध राजधानी थी, आज भले ही यह......
उखरुल पर्यटन - विदेशी शिरुई लिली की भूमि
यदि आपको हरियाली सदा ही आकर्षित करती है तो आपको उखरुल ज़रूर आना चाहिए। उखरुल जि़ले का जि़ला मुख्यालय मणिपुर में है। उखरुल करामाती, सुंदर और अद्भुत है। भीड़भाड़, कारों के शोर,......
वोखा - लोथाओं की भूमि
वोखा राज्य के दक्षिणी हिस्से में जिला मुख्यालय और एक शहर है। यहाँ नगालैंड में सबसे बड़े जनजातियों लोथाओं का निवास है। अपने इतिहास के अधिकांश हिस्से में देखें तो, यह जगह......
जयंतिया हिल्स पर्यटन - लहराती पहाड़ियां और विहंगम प्राकृतिक दृश्य
जयंतिया हिल्स अपनी पहाड़ियों और घाटियों के अद्भुत सौंदर्य के लिए जाना जाता है। ढेरों पहाड़ियों के साथ-साथ यहां घुमावदार नदियों की भी कोई कमी नहीं है। जयंतिया हिल्स पर्यटन न......
कोहिमा पर्यटन - केवही फूलों की भूमि
कोहिमा, नगालैंड की राजधानी, पूर्वोत्तर भारत के सबसे सुंदर स्थानों में से एक है। इस जगह ने पीढि़यों से लोगों को अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर रखा है। कोहिमा को यह......
Champhai - Commercial Gateway to Myanmar
Overlooking the majestic Myanmar hills, adorned with culture and tradition, popularly known as the ‘Rice Bowl of Mizoram’, Champhai is one tourist destination in......
सिलचर - बराक नदी से घिरा हुआ
सिलचर दक्षिण असम में है और कछार जिले का जिला मुख्यालय है। एक सर्वोत्कृष्ट छोटा शहर, सिलचर अपने में ही सुंदर है। शहर के चारों ओर बराक नदी जगह की सुंदरता को बढ़ाती है। बराक इस......
री भोई टूरिज़्म – माँ प्रकृति की गोद में बसा एक शहर
री भोई जिला, मेघालय के 11 जिलों में से एक है और नोंगपो इसका जिला मुख्यालय है। मेगालय के दक्षिण गारो हिल्स जिले के बाद री भोई जिला ही दूसरा सबसे कम आबादीवाला जिला है। यह जिला......
चुराचांदपुर - सांस्कृतिक विविधताओं का शहर
चुराचांदपुर मणिपुर के सबसे बड़े जिले का जिला मुख्यालय है। यहां इस शहर को लामका के नाम से जाना जाता है। लामका का अर्थ होता है ऐसा स्थान जो सड़कों की मिलन स्थली पर बसा हो। इस शब्द......
काजीरंगा - जंगल के क्षेत्र में एक बिल्कुल सही रास्ते का ठहराव
राष्ट्रीय उद्यान में रहना उद्यान के अन्दर दिन बिताने तक ही सीमित नहीं है। राष्ट्रीय उद्यान में और इसके आसपास कई आकर्षण हैं, जहां आप दो दिन के अन्दर घूम सकते हैं। सोनितपुर जिले......
शिलांग पर्यटन - पूर्व का स्कॉटलैंड
पूर्व का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला शिलांग बेशक पूर्वोत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। हरे घने जंगल, अनुपम प्राकृतिक छटा, बादलों से ढंके पहाड़, फूलों से आती मीठी-मीठी......
बिष्णुपुर - नाचते हिरन, तैरता हुआ दलदल और काफी कुछ
बिष्णुपुर को मणिपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कहते हैं। यह ऐसी जगह है जहाँ भगवान विष्णु रहते हैं, जो डोम के आकार के टेराकोटा मंदिर से घिरा है और यहाँ पर प्रसिद्द नाचने......
चेरापूँजी पर्यटन – भारत की बारिश घाटी
मेघालय को चेरापूँजी (जिसे स्थानीय रूप से सोहरा के नाम से लोकप्रिय है) के कारण पूरे विश्व में जाना जाता है। जब चेरापूँजी पृथ्वी पर सबसे नम स्थान होता है तो बहुत ही सम्मोहक होता......
सेनापति - प्रकृति में खो जाने का स्थान
सेनापति, मणिपुर राज्य के नौ जिलों में से एक है और यदि आप एक एक प्रकृति प्रेमी हैं तो आपके लिए यह यात्रा करने लायक सबसे अच्छा स्थल है। सेनापति इस जिले के एक शहर का......
आइज़ोल - हाइलैंडर्स की भूमि
आइज़ोल, पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों में से एक मिज़ोरम की राजधानी है। आइज़ोल एक सुंदर शहर है जो खड़ी पर्वत श्रेणियों, पहाडि़यों और घाटियों के बीच फैला हुआ है। सदियों पुराना यह......
इम्फाल - शहर की रखवाली करती हरी-भरी पहाड़ियां
मणिपुर की राजधानी इम्फाल, उत्तर पूर्वी भारत में पूरी तरह से सिमटा हुआ एक छोटा सा शहर है। इम्फाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सुर्खियों में आया था, जब जापानियों ने भारत में......