Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » उज्जैन » आकर्षण
  • 01सिद्धवट

    सिद्धवट

    सिद्धवट उज्जैन के पवित्र शहर में स्थित है। इस जगह के पास ही शिप्रा नदी बहती है। इस जगह को इसकी पवित्रता के कारण प्रयाग का अक्षयवट कहा जाता है। यहाँ आने पर आप शिप्रा नदी में प्रचुर मात्रा में कछुए देख सकते हैं।

    सिद्धवट घाट अंतिम संस्कार के बाद की...

    + अधिक पढ़ें
  • 02कालिदास अकादमी

    कालिदास अकादमी

    कालिदास अकादमी उज्जैन के मंदिरों के शहर में वर्ष 1978 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एक बहु-अनुशासनात्मक संस्था है। कवि कालिदास भारतीय साहित्य के इतिहास में महान व्यक्तियों में से एक है और इस महान व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने के लिए इस संस्था को स्थापित किया...

    + अधिक पढ़ें
  • 03काल भैरव

    काल भैरव

    उज्जैन के मंदिरों के शहर में स्थित काल भैरव मंदिर प्राचीन हिंदू संस्कृति का बेहतरीन उदाहरण है। ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर तंत्र के पंथ से जुड़ा है। काल भैरव भगवान शिव की भयंकर अभिव्यक्तियों में से एक माना जाता है। सैकड़ों भक्त इस मंदिर में हररोज़ आते हैं और आसानी...

    + अधिक पढ़ें
  • 04मंगलनाथ

    मंगलनाथ

    मंगलनाथ उज्जैन के प्राचीन शहर में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र मंदिर है। यह मंदिर मुख्य शहर के शोर और भीड़भाड़ से दूर स्थित है। यह मंदिर शिप्रा नदी के पास स्थित है। मत्स्य पुराण के अनुसार ऐसी मान्यता है कि मंगलनाथ मंगल ग्रह का जन्म स्थान है।

    इस...

    + अधिक पढ़ें
  • 05गढ़कालिका

    गढ़कालिका

    गढ़कालिका, उज्जैन के मंदिरों के शहर के उपनगरीय भागों पर स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है और मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्रालय द्वारा अनुशसित देखने योग्य पर्यटन स्थलों में से है। यह मंदिर कालिका देवी को समर्पित है जो हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार बहुत शक्तिशाली देवी है।

    ...
    + अधिक पढ़ें
  • 06संदलवाला भवन

    संदलवाला भवन

    संदलवाला भवन का निर्माण 1925 में किया गया था। यह इमारत फिदा हुसैन अब्दुल हुसैन संदलवाला के द्वारा बनाई गई थी। इस इमारत में प्राचीन भारतीय वास्तुकला का उपयोग किया गया है तथा बहुत से लोगों का ऐसा मानना है कि वर्तमान समय की इमारतों में ऐसी वास्तुकला का उपयोग नहीं...

    + अधिक पढ़ें
  • 07गोपाल मंदिर

    गोपाल मंदिर

    गोपाल मंदिर, उज्जैन के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है तथा यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर को द्वारकाधीश मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर 19वीं सदी में बयाजीबाई शिदे द्वारा बनवाया गया था। बयाजीबाई महाराज दौलत राव शिदे की रानी थी।

    यह मंदिर मराठा...

    + अधिक पढ़ें
  • 08संदीपनी आश्रम

    संदीपनी आश्रम

    संदीपनी आश्रम उज्जैन के मंदिर के शहर से दो किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस जगह का पौराणिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि गुरु संदीपनी इस आश्रम का उपयोग श्रीकृष्ण, उनके मित्र सुदामा और भाई बलराम को पढ़ाने के लिए करते थे। इस जगह का उल्लेख महाभारत में...

    + अधिक पढ़ें
  • 09भृतृहरि गुफाएँ

    भृतृहरि गुफाएँ

    भृतृहरि गुफाएँ, मध्य प्रदेश में शिप्रा नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। ये गुफाएँ उज्जैन के प्राचीन शहर के पास है। यह जगह मध्य प्रदेश पर्यटन मंत्रालय के द्वारा एक सुंदर स्थल माना जाता है। इन गुफाओं के अंदर जाने पर एक अद्भुत अनुभव का अहसास...

    + अधिक पढ़ें
  • 10बड़े गणेश जी का मंदिर

    बड़े गणेश जी का मंदिर

    बड़े गणेश जी का मंदिर मंदिरों के शहर उज्जैन में स्थित है तथा यह पूरे शहर में स्थित पारंपरिक मंदिरों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों तथा गणेश भगवान की एक झलक पाने के लिए दूर स्थानों से आने वाले हज़ारों भक्तों द्वारा इस देवता को शुभ माना जाता है।

    यह...

    + अधिक पढ़ें
  • 11महाकालेश्वर मंदिर

    महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के पवित्र शहर में हिंदुओं के सबसे शुभ मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर एक झील के पास स्थित है। इस मंदिर में विशाल दीवारों से घिरा हुआ एक बड़ा आंगन है। इस मंदिर के अंदर पाँच स्तर हैं और इनमें से एक स्तर भूमिगत है। दक्षिणमूर्ति...

    + अधिक पढ़ें
  • 12कालियादेह महल

    कालियादेह महल

    कालियादेह महल उज्जैन के मंदिर के शहर के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। यह महल बहुत समय पहले वर्ष 1458 ई. में मांडू के सुल्तान द्वारा बनवाया गया था। यह महल शिप्रा नदी के बीच एक द्वीप पर स्थित है। पिंडारियों के समय यह महल पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया...

    + अधिक पढ़ें
  • 13हरसिद्धि मंदिर

    हरसिद्धि मंदिर

    हरसिद्धि मंदिर उज्जैन के मंदिरों के शहर में एक महत्वपूर्ण मंदिर है। यह मंदिर देवी अन्नपूर्णा को समर्पित है जो गहरे सिंदूरी रंग में रंगी है। देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति देवी महालक्ष्मी और देवी सरस्वती की मूर्तियों के बीच विराजमान है। श्रीयंत्र शक्ति की शक्ति का...

    + अधिक पढ़ें
  • 14दुर्गादास की छतरी

    दुर्गादास की छतरी

    दुर्गादास की छतरी उज्जैन के मंदिरों के शहर में स्थित एक विशिष्ट स्मारक है। यह स्मारक छतरी के रूप में वीर दुर्गादास की याद में बनवाया गया था जो कि राजपूताना इतिहास में एक महान शख्सियत है। वीर दुर्गादास ने महाराज जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद मुग़लों से लड़ाई की और...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
09 Jun,Tue
Check Out
10 Jun,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
09 Jun,Tue
Return On
10 Jun,Wed